Cheque Bounce News: चेक बाउंस मामलों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Cheque Bounce News: आजकल लोगों की जिंदगी इतनी तेज हो गई है कि कई बार बैंक वाले छोटे काम भी समय पर नहीं हो पाते हैं। इसी वजह से कई बार चेक बाउंस जैसी दिक्कतें सामने आती हैं और मामला सालों तक कोर्ट में अटका रहता है। आम आदमी भी परेशान और कारोबार करने वाले भी थक जाते हैं। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के मामलों को जल्दी निपटाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। इस कारण लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट का नया फैसला क्या कहता है?
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि चेक बाउंस के मामलों को लंबे समय तक लंबित रखना ठीक नहीं है। कई राज्यों में तो आधे से ज्यादा पेंडिंग केस सिर्फ इसी वजह से फंसे रहते हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब समन देने की प्रक्रिया तेज की जाए और इसमें इलेक्ट्रॉनिक तरीका अपनाया जाए।
समन भेजने में अब होगा ईमेल और व्हाट्सएप का इस्तेमाल
पहले समन की तामील में समय लग जाता था और कई बार आरोपी तक समन पहुंच ही नहीं पाता था। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को समझते हुए कहा है कि अब समन भेजने के लिए ईमेल का इस्तेमाल किया जाएगा। व्हाट्सएप पर भी समन भेजा जा सकता है। शिकायतकर्ता को आरोपी का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देना अनिवार्य होगा। इससे प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी।
देश में कितने केस पेंडिंग हैं
कोर्ट ने यह भी बताया है कि देश में दिसंबर तक करीब 43 लाख चेक बाउंस से जुड़े मामले पड़े हुए थे। इसमें राजस्थान में सबसे ज्यादा केस थे। उसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बंगाल जैसे बड़े राज्यों में भी लाखों केस लंबित थे। यह स्थिति बताती है कि आम नागरिक इस समस्या से कितना परेशान है।
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सुप्रीम कोर्ट ने जिला अदालतों को आदेश दिया है कि वे शुरुआती चरण में निपटान के लिए ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराएं। इससे आरोपी चाहे तो कोर्ट में आए बिना भुगतान कर सकेगा और समझौता भी जल्दी हो जाएगा। कुछ मामलों में क्यूआर कोड और यूपीआई जैसी सुविधाओं से भी निपटारा किया जा सकेगा।
क्यों जरूरी थे ये बदलाव
चेक बाउंस के मामले अक्सर छोटी रकम से जुड़े होते हैं लेकिन यह छोटे मामले सालों तक कोर्ट में चलते रहते हैं। इससे न सिर्फ न्याय में देरी होती है बल्कि लोगों का समय और पैसा दोनों खराब होता है। सुप्रीम कोर्ट ने इन समस्याओं को देखकर ही पूरा सिस्टम तेज और आसान बनाने का प्रयास किया है।